₹20 की रोजाना रसीद काटती रही नगरपालिका, फिर भी कथित बिजली चोरी से क्यों अनजान रहा विभाग?
जन जन की आवाज़ न्यूज़ 24
सारनी। सारनी बस स्टैंड परिसर में संचालित एक होटल/दुकान में लंबे समय से कथित रूप से अवैध तरीके से बिजली उपयोग किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि होटल में मीटर के माध्यम से बिजली लेने के बजाय विद्युत लाइन से कथित डायरेक्ट कनेक्शन जोड़कर बिजली का उपयोग किया जा रहा था। मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कथित तौर पर डायरेक्ट बिजली कनेक्शन दिखाई दे रहा है।
इस मामले ने नगर पालिका और विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि होटल में वास्तव में लंबे समय से अवैध कनेक्शन के जरिए बिजली का उपयोग किया जा रहा था, तो संबंधित विभागों की नजर इतने वर्षों तक इस पर क्यों नहीं पड़ी?
नगरपालिका रोजाना काट रही थी ₹20 की रसीद
मामले को गंभीर बनाने वाली बात यह है कि बस स्टैंड परिसर स्थित दुकान से नगर पालिका द्वारा कथित तौर पर प्रतिदिन ₹20 की रसीद काटी जा रही थी। इससे यह सवाल उठ रहा है कि जब नगरपालिका को दुकान के संचालन की जानकारी थी और उसके कर्मचारी नियमित रूप से परिसर में मौजूद रहते थे, तो दुकान में बिजली की व्यवस्था की जांच क्यों नहीं की गई?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि विद्युत कनेक्शन की नियमित जांच होती तो कथित डायरेक्ट कनेक्शन का मामला पहले ही सामने आ सकता था।
वीडियो में दिखाई दे रहा कथित डायरेक्ट कनेक्शन
सामने आए वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि इसमें होटल तक बिजली पहुंचाने वाला कथित डायरेक्ट कनेक्शन दिखाई दे रहा है। हालांकि वीडियो की वास्तविकता और कनेक्शन की वैधता की पुष्टि संबंधित विद्युत विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी।
यदि जांच में बिना वैध मीटर या स्वीकृत कनेक्शन के बिजली उपयोग की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार बिजली चोरी का प्रकरण दर्ज करने तथा जुर्माना और बकाया राशि की वसूली जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
करीब दस वर्षों से बिजली उपयोग का आरोप
स्थानीय स्तर पर लगाए जा रहे आरोपों के अनुसार होटल में कथित रूप से करीब दस वर्षों से इसी तरह बिजली का उपयोग किया जा रहा था। यदि यह आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो यह विद्युत विभाग की निगरानी और निरीक्षण व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करेगा।
यह भी जांच का विषय है कि बस स्टैंड परिसर में विद्युत विभाग द्वारा समय-समय पर निरीक्षण किया गया या नहीं और यदि निरीक्षण हुआ तो कथित डायरेक्ट कनेक्शन अधिकारियों की नजर से कैसे बचता रहा।
नगरपालिका कर्मचारियों पर भी लगाए जा रहे आरोप
मामले को लेकर कुछ स्थानीय लोगों द्वारा नगरपालिका के कुछ कर्मचारियों की कथित मिलीभगत के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। कुछ लोगों का दावा है कि होटल संचालक से नजदीकी के कारण मामले में कथित रूप से अनदेखी की गई।
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन दावों की सच्चाई सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
संयुक्त जांच से सामने आ सकती है सच्चाई
स्थानीय नागरिकों की मांग है कि विद्युत विभाग और नगर पालिका द्वारा संयुक्त रूप से मौके का निरीक्षण किया जाए। दुकान के विद्युत कनेक्शन की वैधता, मीटर की स्थिति, वायरिंग, पुराने बिजली बिल और नगरपालिका द्वारा काटी गई रसीदों की जांच की जाए।
साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि यदि बिजली का अवैध उपयोग लंबे समय से किया जा रहा था तो इसकी जानकारी संबंधित विभागों को कब हुई और समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
अब कार्रवाई का इंतजार
बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक परिसर में कथित बिजली चोरी के आरोप सामने आने के बाद अब लोगों की नजर विद्युत विभाग और नगर पालिका की कार्रवाई पर है। मामला फिलहाल जांच का विषय है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए और यदि आरोप गलत हैं तो जांच के माध्यम से स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
रिपोर्ट: दुर्गेश यादव, मध्यप्रदेश हेड
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